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लॉकडाउन से ही संभला भारत / प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- 100 मरीज थे तब 14 दिन का आइसोलेशन अनिवार्य किया, 550 केस होते ही लॉकडाउन कर दिया


लॉकडाउन से ही संभला भारत / प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- 100 मरीज थे तब 14 दिन का आइसोलेशन अनिवार्य किया, 550 केस होते ही लॉकडाउन कर दिया

  • मोदी ने कहा- जो देश भारत के बराबर खड़े थे आज वहां कोरोना के मामले हमसे 25-30 गुना बढ़े
  • स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी कहा था- कोरोना पर कदम नहीं उठाते तो अब तक 8.2 लाख लोग संक्रमित होते
  • नई दिल्ली. देश में लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ा दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में यह घोषणा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत ने समय रहते कोरोना को रोकने की कोशिशें शुरू कर दी थीं, इसलिए देश में संक्रमण को काफी हद तक काबू किया जा सका है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब हमारे यहां कोरोना का एक भी केस नहीं था, उससे पहले ही भारत ने कोरोना प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग शुरू कर दी थी। 100 मरीज थे उससे पहले ही विदेश से आए हर यात्री के लिए 14 दिन का आइसोलेशन अनिवार्य कर दिया था। मॉल, थिएटर, क्लब, जिम बंद किए जा चुके थे। 550 केस थे तब लॉकडाउन कर दिया गया था।

    सच्चाई को नकार नहीं सकते

    प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ये ऐसा संकट है, जिसमें किसी भी देश के साथ तुलना करना उचित नहीं है। फिर भी हम कुछ सच्चाइयों को नकार नहीं सकते। ये भी सच्चाई है कि दुनिया के बड़े-बड़े सामर्थ्यवान देशों में कोरोना के आंकड़े देखें तो उनकी तुलना में भारत बहुत संभली हुई स्थिति में है।’’

    भारत की तुलना में दूसरे देशों में मामले 30 गुना बढ़े
    प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘महीना-डेढ़ महीना पहले कई देश कोरोना संक्रमण के मामले में भारत के बराबर खड़े थे, आज उन देशों में भारत की तुलना में कोरोना के मामले 25 से 30 गुना बढ़ गए हैं। उन देशों में हजारों लोगों की दुखद मृत्यु हो चुकी है। भारत ने पुलिसिंग अप्रोच न अपनाई होती, इंटिग्रेटेड अप्रोच न अपनाई होती, समय पर तेज फैसले नहीं लिए होते तो आज भारत की स्थिति क्या होती, इसकी कल्पना करते ही रोए खड़े हो जाते हैं। लेकिन बीते दिनों के अनुभवों से यह साफ है कि हमने जो रास्ता चुना है, आज की स्थिति में वही हमारे लिए सही है।’’

    20 दिन के लॉकडाउन में 200 गुना मरीज बढ़े

    भारत अभी स्टेज-3 यानी कम्युनिटी ट्रांसमिशन के दौर में नहीं पहुंचा है, जब कोरोना फैलने के सोर्स का ही पता नहीं लग पाता। देश में लॉकडाउन के पहले दिन 659 मरीज थे। 20 दिन में संक्रमितों की संख्या 15 गुना बढ़ चुकी है। जबकि अमेरिका में 20 दिनों में मरीज 200 गुना से ज्यादा बढ़ चुके हैं, क्योंकि वहां टाेटल लॉकडाउन नहीं है।

    स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा था- अभी 8 लाख से ज्यादा मामले होते
    स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने 12 अप्रैल को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि दुनियाभर में 41% की ग्रोथ रेट से कोरोनावायरस का संक्रमण फैल रहा था। अगर सरकार की ओर से शुरूआत में ही कोई एक्शन नहीं लिया गया होता तो भारत में इस ग्रोथ रेट के हिसाब से 15 अप्रैल तक 8.2 लाख लोग संक्रमित होने का अनुमान था।

    देश में लॉकडाउन का सबसे सख्त दौर 20 अप्रैल तक
    प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘जिन स्थानों के हॉटस्पॉट में बदलने का खतरा है, वहां कड़ी नजर रखनी होगी। इसलिए अगले एक हफ्ते तक सख्ती और ज्यादा बढ़ाई जाएगी। 20 अप्रैल तक हर कस्बे, हर थाने, हर जिले, हर राज्य को बड़ी बारीकी से परखा जाएगा।’’

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